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श्यामल! अब घिर घिरके न आओ – गीत और संगीतः घनश्याम ठक्कर (ओएसीस)


श्यामल! अब घिर घिरके न आओ 

गीत और संगीतः घनश्याम ठक्कर (ओएसीस)

ગુજરાતીઓને વર્ષાઋતુ પસંદ છે. ખેતી, સુંદર વાતાવરણ, ઠંડક, વગેરે કારણોસર

પણ આ ચોમાસામાં મેઘરાજાએ ગુજરાત પર જરૂર કરતાં વધારે કૃપા કરી છે, અને ઘણા ગામો પૂરનો ભોગ બન્યા છે.

આ ગીત મેઘરાજાને ખમૈયા કરવાની વિનંતી છે.

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પૂજ્ય શ્રી ઉમાશંકર જોશીને ૧૦૬મા જનમદિને યાદ કરતાં – ઘનશ્યામ ઠક્કર


પૂજ્ય શ્રી ઉમાશંકર જોશીને ૧૦૬મા જનમદિને યાદ કરતાં

– ઘનશ્યામ ઠક્કર

Umashankar Joshi in Dallas

શ્રી ઉમાશંકર જોશી ડાલાસમાં મહેમાન – 1985
ડાબી બાજુએથી શ્રી ઘનશ્યામ ઠક્કર, શ્રી ઉમાશંકર જોશી અને શ્રી મહેન્દ્ર મેઘાણી

मैं फिर भी तुम को चाहुंगा (इंस्ट्रुमेंटल ओर्क्रेस्ट्रा) – घनश्याम ठक्कर (ओएसीस)


Main Phir Bhi Tumko Chahunga

Instrumental Remix Orchestra

 

O
Instrumental Remix

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Oasis Thacker


Ghanshyam Thakkar


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Ghanshyam Thakkar

Oasis Thacker

છતરસંગની હૈયાવરાળ – ઘનશ્યામ ઠક્કર(ઓએસીસ)


ઘનશ્યામ ઠક્કર(ઓએસીસ)
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Ghanshyam Thakkar

Oasis Thacker

જૂના વતનનું કાવ્ય (ગીત) – ઘનશ્યામ ઠક્કર


ગીત

Ghanshyam Thakkar

Oasis Thacker

ये रात भीगी भीगी (ये रात भीगी भीगी ( इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक) – घनश्याम ठक्कर (ओएसीस)


Yeh Raat Bheegi Bheegi

 ये रात भीगी भीगी

(वाद्य संगीत) (Instrumental

Tribute to Raj Kapoor, Nargis, Shankar-Jaykisan, Lata Mangeshkar, Manna Dey

 घनश्याम ठक्कर (ओएसीस)

चोरी चोरी फिल्म का यह गाना, प्रेमगीतों में आज तक के सर्वश्रेष्ठ. संगीतकार शंकर-जयकिसन की दो और प्रेमगीत की रचनाओं का वाद्यसंगीत मैंने इस के पहले ब्लॉग पर प्रकाशित किये हैं.: Baharon Phool Barsao बहारों फूल बरसाओ  and Aawaz DeKe hamen Tum bulao आवाझ दे के हमें तुम बुलाओ . यह गाने भी इतने ही रोमान्टिक है. प्यार के दर्द को संगीत से जुडने में शंकर-जयकिसन कि तुलना किसी से नहीं हो सकती है. लता मंगेशकर और मन्ना डे ने बहुत ही भावात्मक तौर से गाये हैं. ओर्केस्ट्रा भी ऐसी ही रोमान्टिक है.

जब मैं ऐसे असाधारण प्रेमगीत सुनता हूं, तो मैं इन प्रेमगीतों के प्रेम में तरबतर हो जाता हूं. इसी अवस्था में मैंने इस गीत के बाद्यसंगीत का सर्जन किया है. अच्छा वाद्यसंगीत बनाने के लिये अच्छा वाजिंत्र, बजाने की कुशलता, भाव के अनुरूप वाद्यों की पसंदगी, और ओर्क्रेस्ट्रा का निर्माण, यह सब आवश्यक है. आप अब तो जान गये हो, कि अगर मुझे वाजित्र गीत के भाव के अनुरूप न सुनाई दे, तो मेरे सिन्थेसाइझर पर नये वाजिंत्र बना लेता हूं. एसे ही कुछ वाजिंत्र आप सुनोगे.

आशा है यह गीत भी आप को पसंद आयेगा.

Ghanshyam Thakkar (Oasis)

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વતન સાંપડ્યાથી ફરક શું પડે? (ગઝલ) – ઘનશ્યામ ઠક્કર(ઓએસીસ)


ગઝલ

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